यूपी में जहरीली शराब बनी काल, अब तक 92 लोगो की मौत

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में इन दिनों जहरीली शराब का आतंक है। जहरीली शराब पीकर मरने वालों की संख्या में लगातार इजाफा...

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उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में इन दिनों जहरीली शराब का आतंक है। जहरीली शराब पीकर मरने वालों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। आपको बता दें कि, सहारनपुर, रुड़की और कुशीनगर में इस जहरीली शराब के सेवन से मरने वालों की संख्या बढ़कर 92 हो गई है। इनमें से 64 सहारनपुर, 20 रुड़की से और 8 लोग कुशीनगर के हैं जिनकी मौत हुई है। इनमें से सहारनपुर के 18 लोगों की मौत इलाज के दौरान मेरठ के अस्पताल में हुई है। उत्तर प्रदेश सरकार के मुताबिक जहरीली शराब से मरने वाले ज्यादातर वे लोग हैं जो उत्तराखंड में एक तेरहवीं संस्कार में शरीक होने गए थे और इन लोगों ने वहीं शराब का सेवन किया था।

जानकारी के मुताबिक, सहारनपुर के अधिकारियों का कहना है कि, संस्कार में गए लोगों के वापस आने के बाद से मौत का सिलसिला शुरू हुआ है। बता दें कि अब तक मरने वालों में से 46 लोगों का पोस्टमॉर्टम हो चुका है जिसमें 36 लोगों की मौत जहरीली शराब का सेवन करने की वजह से बताई जा रही है। वहीं मेरठ में मरने वाले 18 लोग सहारनपुर से लाए गए थे, जिनकी इलाज के दौरान मौत हुई है। सहारनपुर जिले के नागल, गागलहेड़ी और देवबंद थाना क्षेत्र के कई गांव में जहां देर रात शराब पीने से 44 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 30 से ज्यादा लोग अस्पताल में भर्ती है। कई लोगों की हालत मेरठ के मेडिकल अस्पताल में नाजुक बनी हुई है।

प्रशासन की लापरवाही के लिए सरकार ने नागल थाना प्रभारी सहित दस पुलिसकर्मियों और आबकारी विभाग के तीन इंस्पेक्टर व दो कांस्टेबल्स को सस्पेंड कर दिया है। नागल थाना प्रभारी हरीश राजपूत, एसआई अश्वनी कुमार, अय्यूब अली और प्रमोद नैन के अलावा कांस्टेबल बाबूराम, मोनू राठी, विजय तोमर, संजय त्यागी, नवीन और सौरव को सस्पेंड कर दिया गया है। वहीं आबकारी विभाग के सिपाही अरविंद और नीरज भी निलंबित किए गए हैं।

शुक्रवार शाम और देर रात यूपी के मुख्य सचिव और बाद में डीजीपी ने सभी जिलों के जिलाधिकारियों और पुलिस कप्तानों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए निर्देश दिए कि जहरीली शराब के मामले में पूरे जिले में छापेमारी और खोजबीन की जाए। यह अभियान अगले पंद्रह दिनों तक चलेगा जिसमें धरपकड़ के साथ-साथ अवैध शराब की भट्टियों पर छापेमारी की जाएगी। सरकार की तरफ से साफ निर्देश दिए गए हैं कि जिस जिले में लापरवाही होगी वहां के पुलिस कप्तान और जिलाधिकारी को इसका खामियाजा भुगतना होगा।

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