रोहतक लोकसभा सीट BJP के लिए बनी नाक की लड़ाई, ऐसे बन सकते हैं समीकरण

0
1488

दिल्ली से लेकर रोहतक में लोकसभा चुनावों को लेकर बीजेपी की कई राउंड की मीटिंग हो चुकी है और चुनाव आचार संहिता लगते ही बीजेपी के आलाकमान के नेताओं सहित चुनाव समिति की औपचारिक बैठक  भी बुला ली जाएगी। फिलहाल तक हुई मीटिंग के लिहाज से 2 सीटों पर उम्मीदवारों को एक बार फिर से उतारा जा सकता है।

वहीं सोनीपत और महेंद्रगढ़, भिवानी में मौजूदा सांसद को टिकट मिल भी सकता है और कट भी सकता इसके अलावा बची 6 सीटों पर समीकरण कुछ इस प्रकार है।

सबसे पहले देखिए फरीदाबाद और गुरूग्राम लोकसभा सीट पर किस तरह से मोदी कैबिनेट के दो मंत्री फिर से अपना टिकट पक्का करा चुके हैं, जिसमें फरीदाबाद से कृष्ण पाल गुर्जर का टिकट तय है और गुडगांव से राव इंद्रजीत का टिकट तय हो चुका है। आपको बता दें कि, लोकसभा चुनाव में राव इंद्रजीत अपनी बेटी आरती के लिए टिकट मांग रहे थे, लेकिन पार्टी आलाकमान लोकसभा में उनके परिवार को टिक नहीं देगी लेकिन विधानसभा चुनाव में बेटी की बात बन सकती है।

वहीं दूसरी तरफ बात रोहतक की लोकसभा सीट की हो तो बीजेपी के लिए ये सीट नाक की लड़ाई वाली सीट है जहां से पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बेटे दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने मोदी लहर में भी 2014 में यहां से चुनाव जीता था। इस सीट पर सबसे ज्यादा गुणा भाग करने के बाद ही कोई फाइनल उम्मीदवार का नाम तय किया जाएगा

मिली जानकारी के मुताबिक रोहतक से पूर्व सेना अध्यक्ष दलबीर सिंह सुहाग पूर्व पार्टी आलाकमान की पहली पसंद बताई जा रही है। इसके अलावा रोहतक से मौजूदा मनोहर सरकार की कैबिनेट में कृषि मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ फिर से दावा ठोक रहे हैं। वहीं शमशेर सिंह खड़खड़ा भी रोहतक से चुनाव लड़ने के लिए बीजेपी आलाकमान का दरवाजा खटखटा रहे हैं। लेकिन खड़खड़ा की दावेदारी पर अभी तक कोई सहमती नहीं बन पाई है।

आपको बता दें कि, महम विधानसभा सीट से बीजेपी की टिकट पर शमशेर सिंह खड़खड़ा पिछली बार हार का मुंह देख चुके हैं।

लेकिन सोनीपत से बीजेपी के मौजूदा सांसद रमेश चंद्र कौशिक इस सीट पर अपना दावा फिर से ठोक रहे हैं। लेकिन पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक कौशिक की टिकट कटने की सूरत में सोनीपत से चौधरी बिरेंदर सिंह को बीजेपी मैदान में उतार सकती है। लेकिन चौधरी विरेंदर सिंह भी अपने बेटे को लिए सोनीपत से लोकसभा चुनाव लड़ाना चाहते हैं।

हरियाणा की लोकसभा सीटों में करनाल सीएम सिटी के तौर पर भी जाना जाता है और करनाल लोकसभा सीट मुख्यमंत्री के लिहाज से भी अहम सीट है। पार्टी के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक  इस सीट पर स्टार उम्मीदवार और बड़ा चेहरा उतारा जा सकता है

करनाल मोदी कैबिनेट में वरिष्ठ मंत्री मेनका गांधी करनाल लोकसभा सीट से चुनाव लड़ना चाहती हैं। करनाल से दूसरे दावेदार के तौर पर पूर्व कांग्रेसी अरविंद शर्मा भी रेस में है हालांकि अभी तक अरविंद ने किसी पार्टी का दामन नहीं थामा है। वहीं मौजूदा करनाल सांसद अश्विनी चोपड़ा की धर्मपत्नी किरण चोपड़ा भी इस सीट पर अपना दावा ठोक रही हैं।  लेकिन पार्टी आलाकमान के सूत्रों से मिली जानकारी के  किरण चोपड़ा कोई सीट से टिकट मिलना अभी संभव नहीं है।

वहीं कुरुक्षेत्र सीट पर धूम्मन सिंह किरमिच इस सीट पर बीजेपी का टिकट पाने में सफल हो सकते हैं।

संगठन के लिहाज से किरमिच‌ अहम दावेदार हो सकते हैं क्योंकि विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक किरमिच जाट जाती के हैं।  मौजूदा बीजेपी सांसद राजकुमार सैनी की बगावत के बाद कुरुक्षेत्र की सीट बीजेपी के लिए नाक की लड़ाई वाली सीट है।

हिसार सीट- हिसार लोकसभा सीट के लिए बीजेपी का उम्मीदवार पंजाबी हो सकता है। लेकिन जातिगत समीकरण के हिसाब से अभी तक यह तय नहीं हुआ है। मेयर गौतम सरदाना इस टिकट पर बीजेपी के बड़े दावेदार हैं। लेकिन जाट उम्मीदवार अगर महेंद्रगढ़-भिवानी और रोहतक सीट पर नहीं उतरते हैं तो सरदाना की जगह किसी और को मौका मिलना संभव है।

अंबाला सीट- अंबाला से मौजूदा सांसद रतन लाल कटारिया की जगह उनकी धर्मपत्नी बत्तो देवी कटारिया इस सीट से बीजेपी टिकट की दावेदार हैं। हालांकि इस सीट पर अभी फैसला होना बाकी है।

सांसद रतन लाल कटारिया की टिकट कटने की सूरत में इस सीट पर कोई नया दावेदार भी उतर सकता है क्योंकि कटारिया की रिपोर्ट आलाकमान की नजर में नेगीटिव है।

महेंद्रगढ़ भिवानी लोकसभा सीट से मौजूदा सांसद धर्मवीर सिंह हां कभी ना करते रहे थे और बहरहाल एक बार फिर से वह इस सीट पर अपना दावा ठोक रहे हैं। लेकिन पार्टी सूत्रों की माने तो कभी ना कभी हां यहां करने वाले पूर्व कांग्रेसी का टिकट इस बार पक्का नहीं है।

महेंद्रगढ़-भिवानी सीट- धर्मवीर सिंह मौजूदा सांसद मनोहर सरकार में वरिष्ठ मंत्री रामविलास शर्मा भी इस सीट पर अपनी दावेदारी ठोक लोकसभा लड़ना चाहते हैं।

सिरसा सीट- इस सीट से चेयरमैन सुनीता दुग्गल सबसे मजबूत दावेदार मानी जा रही है।

आईआरएस से इस्तीफा देकर बीजेपी जॉइन करने वाली सुनीता दुग्गल 2014 में भी बीजेपी की टिकट के दावेदार थी। लेकिन तब गठबंधन के चलते यह सीट भाजपा के कोटे में नहीं आई थी।

बीजेपी  प्रदेश की 10 लोकसभा सीटों में से तीन सीटों पर जाटों की दावेदारी मान रही है। जिसमें  हिसार, रोहतक, और भिवानी की सीट है।

लेकिन पार्टी आलाकमान से जुड़े सूत्र बता रहे हैं कि बीजेपी सिर्फ 2 सीटों पर ही जाट उम्मीदवार उतारेगी।

पुख्ता तौर पर तो यही लगता है किस सिर्फ 2 सीट पर ही उम्मीदवार पक्के हैं और बाकी 2 सीटों पर संगठन और पार्टी उम्मीदवारों के नाम पर सहमत हो चुकी है।

लेकिन जातिगत समीकरण के हिसाब से 8 सीटों पर ऐन वक्त तक उम्मीदवार के जीतने की क्षमता को देखते हुए कोई भी बदलाव हो सकता है।

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here