‘गार्डन सिटी’ को चुनिए अपनी गर्मियों की छुट्टियों को और ज्यादा अड्वेंचरस बनाने के लिए

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हरियाणा न्यूज: शरीर को झुलसा देने वाली गर्मी से बचने के लिए सभी प्रकृति की गोद में जाने की सोचते हैं। गर्मीयों की छुट्टियों में लोगों की पहली पसंद पहाड़ी और ठंडे इलाके होते हैं। ऐसे में दादर और नागर की हवेली किसी जनत से कम नहीं है। यह जगह हरी-भरी और बहुत सुंदर है। इसके पूर्व हिस्से में सह्याद्रि पर्वत श्रृंखला है। अगर आप प्रकृति प्रेमी हो तो सिलावास जो ‘गार्डन सिटी ’ के नाम से भी जाना जाता है, आपके लिए बिल्कुल परफेक्ट है। सिलावास एक ऐसी जगह जो प्रकृति संग आधुनिकता का संगम है।

पुर्तगाली नाम है सिलावास

सिलावास का अर्थ है वह जंगल जिसमें चुंबकीय आकर्षण है। अगर आपको इतिहास से प्रेम है। अलग-अलग रोमांचक अनुभवों को संजोगने का शौक रखते हैं तो यह जगह सिर्फ आपके लिए ही बनी है।

कला साधक लोग

यहां के लोगों का जीवन बिना नृत्य के अधूरा है। विशेष तौर पर यहां का विरोपा नृत्य बहुत प्रसिद्ध है। यह नृत्य फसल कटाई के समय किया जाता है। इसमें कलाकार सामूहिक रूप से मानव पिरामिड बनाते हैं और दोनों महिला-पुरूष मिलकर दिन के अलावा रात में भी नृत्य करते हैं। गर्मी की रात में ये अधिकतर ‘भावड़ा नृत्य ’ करते हैं। इसमें कलाकार मुखौटा पहनकर नृत्य करते हैं। वर्ली जनजाति के घरों में विवाह के दौरान ‘तूर थाली ’ नृत्य किया जाता है।

दो अलग भौगोलिक क्षेत्रों के मिलन से बना केंद्रशासित प्रदेश

इस शहर से दो राज्यों महाराष्ट्र और गुजरात की सीमाएं लगती हैं। यह शहर वीकएंड डेस्टिनेशन के लिए भी जानी जाती है। यहां के लोगों की बोली में कोंकणी, गुजराती और मराठी का मिश्रण देखने को मिलता है। यहां के लोग चित्रकला में निपुण हैं, अपनी घर की दीवारों को ये अलग-अलग चित्र बनाकर आकर्षित रूप देते हैं। वर्ली जनजाति के लोग अपनी प्रचीन परंपरा और संस्कृति को बचाए रखने में विश्वास रखते हैं।

दर्शनीय वास्तुकला

साल 1897 में बने ‘ द चर्च आफ अवर लेडी पिटी ’ शहर के बीचो बीच स्थित है। इसके अंदर लकड़ी के तख्तों पर सुंदर चित्रकारी की गई है। यहां के रोमन कैथोलिक चर्च की वास्तुकला दर्शनीय है।

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