यूपी-बिहार में बाढ़ से त्राहिमाम, हरियाणा में भी बज सकती है खतरे की घंटी

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हरियाणा न्यूज: बारिश आई और मौसम खुशनुमा हुआ पूरा देश मॉनसून का लुत्फ उठा रहा है, लेकिन हर साल खुशनुमा मौसम के साथ-साथ बारिश देश में प्रलय और हादसे भी लेकर आती है। जी हां मॉनसून की शुरुआत है, और आधा देश जलसैलाब में डूब चुका है। एक तरफ यूपी, बिहार और आसाम में बाढ़ से त्राहीमाम मचा है, तो वहीं मायानगरी मुंबई में जलभराव और खुले गटर हादसों का सबब बन रहे हैं।

बिहार से लेकर असम तक बाढ़ से जिंदगियां बेहाल हैं, यूपी में 15 तो असम में 6 लोगों की मौत हो चुकी है, देश के पूर्वोत्तर में जमीन दरकने और मकान गिरने की घटनाओं करीब साढ़े आठ लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। ब्रहमपुत्र समेत कई नदीयां खतरे के निशान से उपर बह रहीं हैं,ऐसे में डर बस इस बात का है, ये सैलाब उमड़ा है, तो पता नहीं कितनों की जिंदगी निगल कर थमेगा।

बाढ़ और जलभराव दो ऐसी समस्याऐं हैं जिनसे हम सभी जानते हैं की हरियाणा भी अछूता नहीं है। हर बार बारिश में यमुना नदी खतरे के निशान से उपर बहती है और यमुनानगर के की हिस्से बाढ़ में डूब जाते हैं। हरियाणा में बाढ़ का खतरा तब भी बढ़ता है जब पहाड़ी इलाकों का पानी हथनीकुंड बैराज से छोड़ा जाता है और जिसके चलते हरियाणा समेत पूरा उत्तर भारत पानी में डूब जाता है।

बाढ़ के अलावा बात करें तो हरियाणा भी जलभराव के मामले में मायानगरी मुंबई से कम नहीं है। यहां पर भी जलभराव में छिपे कितने गड्ढे और खुले गटर हैं जो हादसों को न्यौता दे रहे हैं। कुल मिलाकर कहा जाए तो जो मुंबई में हो रहा है, वैसा ही कुछ हरियाणा में भी हो सकता है क्योंकी अबी यमुनानगर में हमनें हाल ही में देखा था की कैसे एक बुजुर्ग नाले में बह गया था, पर गनीमत रही की बुजुर्ग की जान बच गई।

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