हरियाली तीज के पर्व की धूम, इन उपायों के साथ बनाए अपने व्रत को सफल!

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हरियाणा न्यूज: सावन माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरियाली तीज का पर्व मनाया जाता है, जिसे श्रावणी तीज भी कहा जाता है। सावन के महीने में चारों ओर हरियाली होने के कारण ही इसे हरियाली तीज कहा जाता है।

हरियाली तीज के पर्व की रौनक खासतौर पर उत्तर भारत में ज्यादा देखने को मिलती है। आपको बता दें कि इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए दिन-भर व्रत रखती हैं। साथ ही अविवाहित लड़कियां भी इस दिन अच्‍छे पति की कामना के लिए व्रत रखती हैं। मान्‍यता है कि हरियाली तीज का व्रत रखने से विवाहित स्त्रियों के पति की उम्र लंबी होती है, जबकि अविवाहित लड़कियों को मनचाहा जीवन साथी मिलता है। 

सौभाग्य और श्रृंगार को समर्पित इस पर्व पर महिलाएं और बच्चियां हाथ-पैरों में मेहंदी और आल्ता या महावर लगाती हैं। हरियाली तीज पर पति-पत्नी को एक साथ शिव-पार्वती की पूजा करनी चाहिए। ऐसा करने से वैवाहिक जीवन की समस्याएं दूर हो सकती हैं।

तीज के व्रत के नियम

1. अगर महिला ज्‍यादा बीमार है तो उसके बदले घर की अन्‍य महिला या फिर पति भी इस व्रत को रख सकता है।

2. व्रत करने वाली महिलाओं को सभी के साथ प्रेम से पेश आना होता है साथ ही अपने गुस्से पर भी नियंत्रण रखना होता है।

3. व्रत करने वाली महिला को पति के साथ क्‍लेश नहीं करना चाहिए। माना जाता है कि ऐसा करने से व्रत अधूरा रह जाता है।

4. व्रत करने वाली महिलाओं को बुजुर्गों का सम्मान करना चाहिए। जिससे उन्हें व्रत का पूरा फल मिल सके।

5. साथ ही इस व्रत में सोने की मनाही है। यहां तक कि रात को भी सोना वर्जित है। रात के वक्‍त भजन-कीर्तन किया जाता है।

6. व्रत अगले दिन सूर्योदय के बाद माता पार्वती को सिंदूर चढ़ाने के बाद ही खोला जाता है।

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