अवैध वसूली करने वाले फर्जी पत्रकारों के गिरोह का भंडाफोड़, अधिकारियों को ऐसे करते थे ब्लैकमेल

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हरियाणा न्यूज़: राजधानी दिल्ली से सटे गौतमबुद्ध नगर जिला (नोएडा) पुलिस ने एक ऐसे ठग गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो कथित पत्रकारिता की आड़ में पुलिस को ब्लैकमेल कर रहा था। जिले की थाना बीटा-दो पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन पर आरोप है कि वे पत्रकार होने का दावा कर कथित रूप से अवैध वसूली करते थे और अपने हित साधने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव बनाते थे।

पुलिस ने बताया कि इनका एक साथी अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। गिरफ्तार फर्जी पत्रकारों में दो इससे पूर्व भी जेल जा चुके हैं। गिरोह में शामिल कई कथित पत्रकार ऐसे भी शामिल हैं, जिन्हें कुछ समय पहले पुलिस ने, नोएडा सेक्टर-20 कोतवाली के इंस्पेक्टर मनोज पंत के साथ गिरफ्तार करके जेल में डाला था।

पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान पकड़े गए आरोपियों ने कई पुलिसवालों, प्रशासनिक अधिकारियों, प्राधिकरण के अधिकारियों, तथा नेताओं से सांठगांठ कर करोड़ों रूपये की कमाई करने की बात स्वीकार की है। इनकी चल-अचल संपत्ति को जिला प्रशासन कुर्क करने की तैयारी कर रहा है।

गैंगस्टर एक्ट के तहत हुई गिरफ्तारी

पुलिस ने बताया कि पत्रकारिता की आड़ में एक संगठित गिरोह बनाकर, अवैध धनोपार्जन करने, तथा प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव बनाकर अपने हित साधने वाले गिरोह के चार लोगों को थाना बीटा दो पुलिस ने शुक्रवार देर रात को गिरफ्तार किया। इनकी गिरफ्तारी गैंगस्टर कानून के तहत हुई है। उन्होंने बताया कि इस गिरोह का सरगना सुशील पंडित है।

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार ब्लैकमेलर और कथित पत्रकारों का नाम सुशील पंडित (निवासी ग्रेटर नोएडा), उदित गोयल (निवासी सूरजपुर ग्रेटर नोएडा), रमन ठाकुर (ग्रेटर नोएडा), चंदन राय (साहिबाबाद, गाजियाबाद) और नितीश पांडेय (गोमती नगर, लखनऊ) है।

गिरोह का एक साथी फरार

पुलिस के मुताबिक, इनका एक साथी रमन ठाकुर अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी पर गौतमबुद्ध नगर जिला पुलिस ने 25 हजार रुपये इनाम घोषित किया है। उन्होंने बताया कि यह गिरोह मुख्य रूप से गौतम बुद्ध नगर, गाजियाबाद व लखनऊ में सक्रिय था।

जिला पुलिस प्रवक्ता के मुताबिक, “चंदन राय के कब्जे से दिल्ली नंबर की एक फार्च्यूनर कार, यूपी नंबर की एक आई-20 कार, एक एप्पल आईफोन-10, सैमसंग फोन और एक मैकबुक जब्त की गई है। इसी तरह से उदित गोयल के पास से दिल्ली नंबर की एक इनोवा कार, दो मोबाइल फोन, जबकि सुशील पंडित के पास से एक मोबाइल फोन मिला है।”

ऐसे करते थे ब्लैकमेल

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि यह गिरोह दो प्रकार से अपना कार्य संपादित करता था। इस गिरोह के सदस्य सरकारी सेवकों, विशेषकर पुलिस अधिकारियों को अनुचित आर्थिक लाभ का प्रलोभन देकर व्यक्ति विशेष के पक्ष में कार्य करने के लिए प्रेरित करते थे।

पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह पुलिस महकमे के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ पहले सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर भ्रामक खबरें प्रचारित-प्रसारित करता था। इसके बाद जो पुलिस अफसर या कर्मचारी इनके दवाब में आ जाता, उसे यह गिरोह रकम ऐंठने के लिए ब्लैकमेल करना शुरू कर देता।

पुलिस के मुताबिक, दो पत्रकारों की गिरफ्तारी नोएडा से, एक की गाजियाबाद से, तथा एक की लखनऊ से हुई है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के कार्यालयों को सील कर दिया गया है।

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