हरियाणा को आवारा पशुओं से मुक्त कराने का अभियान हुआ फेल, पढ़िए किसने किया खुलासा

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हरियाणा न्यूज: देश व प्रदेश में आरटीआई के दम पर बड़े-बड़े भ्रष्टाचार के खुलासे करने वाले पी पी कपूर ने एकबार फिर से बड़ा खुलासा किया है। आरटीआई से खुलासा हुआ है कि पिछले पांच सालों में हरियाणा गौ सेवा आयोग का बजट 45 लाख से बढ़कर 30 करोड़ हुआ फिर भी सरकार प्रदेश को आवारा पशुओं के खतरे से मुक्त नहीं करा सकी। जबकि हरियाणा सरकार ने पहले गत वर्ष 15 अगस्त 2018 तक व 1 जनवरी 2019 तक पूरे प्रदेश को आवारा पशुओं से मुक्त करने का लक्ष्य बनाया था जो विफल रहा है। हरियाणा पुलिस के दो डीएसपी 18 पुलिस निरीक्षकों सहित कुल 332 पुलिसकर्मी गौ सुरक्षा दस्ते में कार्यरत हैं। प्रदेश की कुल 513 गौ शालाओं में कुल 3,61,068 गाय, बैल है। हिसार में सर्वाधिक 15,496 आवारा पशु पकड़े जा चुके हैं। 

आरटीआई एक्टिविस्ट पीपी कपूर ने बताया कि हरियाणा सरकार का अगर यही रवैया रहा तो प्रदेश कभी भी आवारा पशुओं के प्रकोप से मुक्त नहीं हो पाएगा। प्रदेशवासी अवारा पशुओं का प्रकोप झेलने को अभिशप्त रहेंगे। हरियाणा सरकार द्वारा 30 जून 2018 को हर जिले में स्ट्रे केटल फ्री हरियाणा के लिए अतिरिक्त उपायुक्त की अध्यक्षता में कमेटियां गठित की गई थी लेकिन परिणाम जीरो निकले।  

वहीं, दूसरी ओर पंचकूला नगर निगम के राज्य जन सूचना अधिकारी ने आरटीआई में  बताया कि पंचकूला आवारा पशुओं से मुक्त नहीं हो सका। क्योंकि कोई भी गौशाला इन पकड़े गए आवारा पशुओं को लेती नहीं है। नगरपालिका समालखा के सचिव व नगरनिगम पानीपत के सहायक जन सूचना अधिकारी एवं दमकल केन्द्र अधिकारी ने बताया कि उनके पास आवार पशुओं की संख्या व पकने के बारे कोई सूचना उपलब्ध नहीं है। जबकि पशुपालन एवं डेयरी विभाग पानीपत ने सूचित किया कि पानीपत जिले में 5611 बेसहारा पशुओं को पकड़ा जा चुका है।  

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