हरियाणा में 2014 के मुकाबले इस बार करीब 20 फीसदी मतदाता केंद्रों में हुआ इजाफा, जानिए- चुनाव के जरूरी आंकड़े

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हरियाणा न्यूज़: हरियाणा में विधानसभा चुनाव 21 अक्टूबर को होंगे और मतों की गणना 24 अक्टूबर को होगी। राज्य में कुल 90 सीटों के लिए चुनाव कराए जाएंगे। चुनाव के लिए अधिसूचना 27 सितंबर को जारी होगी। चुनाव की घोषणा के साथ ही आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो गई है। नामांकन भरने की अंतिम तारीख चार अक्टूबर है और सात अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। मतदान 21 अक्टूबर को होंगे और 24 अक्टूबर को मतगणना होगी।

एक करोड़ मतदाता करेंगे नेताओं के भाग्य का फैसला

चुनाव प्रक्रिया 27 अक्टूबर तक पूरी कर ली जाएंगी। हरियाणा विधानसभा का कार्यकाल दो नवंबर को समाप्त हो रहा है। हरियाणा में 1,82,98,714 मतदाता हैं। वोटरों का यह आंकड़ा साल 2014 के चुनावों में 1,63,03,742 था। अगर अंतर देखा जाए तो 2014 के मुकाबले इस बार 19,94,972 वोटर ज्यादा है, प्रतिशत में यह 12.23 फीसदी ज्यादा है। सभी चुनाव इलेक्ट्रनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से कराए जाएंगे।

करीब 20 फीसदी मतदाता केंद्रों में हुआ इजाफा

चुनाव आयोग इस बार राज्य में विधानसभा चुनावों को सम्पन्न कराने के लिए 19,425 मतदान केंद्र बनाएगा, जबकि साल 2014 के विधानसभा चुनाव में 16,244 मतदान केंद्र लगाए गए थे। अगर फीसदी में देखें तो मतदान केंद्रों में 19.58% की वृद्धि हुई है। सभी मतदान केंद्रों पर कुल 1.3 लाख इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) का इस्तेमाल किया जाएगा। चुनाव आयोग ने इसके लिए पूरी तैयारी कर ली है।

कितना खर्च कर सकते हैं उम्मीदवार?

प्रेस कॉन्फेंस के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा कि शंतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए पूरे राज्य में केन्द्रीय सुरक्षा बलों को तैनात किया जाएगा और चुनाव खर्च पर नजर रखने और अन्य मामलों के लिए चुनाव पर्यवेक्षकों को तैनात किया जाएगा। चुनाव आयोग ने प्रत्याशियों के लिए चुनाव खर्च की सीमा 28 लाख रुपये निर्धारित की है। चुनाव प्रचार के दौरान आदर्श चुनाव आचार संहिता पर कड़ी नजर रखी जाएगी और इसका उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।

चुनाव आयोग ने खर्च की सीमा में किया था इजाफा

आपको जानकारी के लिए बता दें कि चुनाव आयोग ने 2019 के आम चुनाव में से ठीक पहले प्रत्येक लोकसभा सीट के लिए व्यय सीमा बड़े राज्यों में 40 लाख रुपए से बढाकर 70 लाख रुपये और छोटे राज्यों में लोकसभा चुनावों के लिए यह सीमा 22 लाख रुपये से बढाकर 54 लाख कर दी थी। विधानसभा में चुनाव के लिए बड़े राज्यों में चुनाव खर्च की अधित्तम सीमा 16 लाख से बढाकर 28 लाख रुपये कर दी थी।

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