विधानसभा चुनाव: आंकड़ों से समझें 10 साल के दौरान कैसे बदली हरियाणा की राजनीतिक तस्वीर

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हरियाणा न्यूज़: चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनावों के लिए शनिवार को तारीखों की घोषणा कर दी। इसके साथ ही दोनों राज्यों में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो गई। मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान करते हुए बताया कि हरियाणा और महाराष्ट्र में 21 अक्टूबर को मतदान होगा। जबकि दोनों ही राज्यों में 24 अक्टूबर को चुनाव के नतीजे आएंगे।

चुनावी ऐलान के बाद राजनीतिक पंडित वोटों का गणित लगाना शुरू कर दिए हैं। हालांकि, सभी राजनीतिक पार्टियों द्वारा किए जा रहे तमाम दावों को नजरअंदाज कर पिछले विधानसभा चुनावों और मौजूद जमीनी हकीकत को माप तौल रहे हैं। अगर 2014 विधानसभा चुनाव के नतीजों पर नजर डालें तो मौजूदा सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी को शानदार जीत मिली थी। हालांकि, 2009 के चुनाव में भगवा पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा था।

2014 में कुल 90 सदस्यों वाली विधानसभा में बीजेपी को 47 सीटों पर शानदार जीत मिली थी। अगर इसे वोट शेयर में तब्दील करें तो यह कुल मतो का 33.2 प्रतिशत हुआ। वहीं 19 सीटों के साथ इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) को दूसरी नंबर पर रही, जबकि कांग्रेसे को सिर्फ 15 सीटों (20.6) पर संतोष करना पड़ा था। इसके अलावा हरियाणा जनहित कांग्रेस (हजकां) को दो सीट मिला था। जिसका अब कांग्रेस में विलय हो चुका है।

हरियाणा की 90 सदस्यों वाली विधानसभा का कार्यकाल दो नवंबर को समाप्त हो रहा है। वहीं, महाराष्ट्र की 288 सदस्यों वाली विधानसभा का कार्यकाल नौ नवंबर को समाप्त हो रहा है। विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ ही दोनों राज्यों में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो जाएगी।

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