बरवाला: इस बार दुबारा वापसी कर पाएगी कांग्रेस, जानिए क्या है सियासी समीकरण

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हरियाणा न्यूज: हरियाणा की 90 विधानसभा में से बरवाला सीट एक है। बरवाला सीट हिसार जिले का हिस्सा है।यह सीट इसलिए खास है क्योकि ब्रिटिश काल से ही यह क्षेत्र प्रमुख केंद्र रहा है, उस समय भी यह तहसील मुख्‍यालय हुआ करता था। यहां हमेशा राजनीतिक तौर पर देखे तो कांग्रेसी ही जीत करते रहे है।

इस सीट पर 1982 से 2005 तक जाट जाति के 6 विधायक बने। इस सीट को पहली बार 1967 में विधानसभा घोषित किया गया था। इस चुनाव में कांग्रेस ने जीत हासिल की थी। कांग्रेस ने संयुक्‍त सोशलिस्‍ट पार्टी के उम्‍मीदवार को हराया था। कांग्रेस का गढ़ रही इस विधानसभा सीट से करीब 8 बार उसके उम्‍मीदवार जीत हासिल कर चुके हैं।

बात करें 2014 की तो बरवाला सीट पर इनेलो और बीजेपी की टक्कर देखने को मिली। इनेलो प्रत्याशी को वेद नारंग 34941 वोट प्राप्त हुए वहीं बीजेपी के प्रत्याशी सुरेंद्र पुनिया को 24680 वोट प्राप्त हुई थी। दोनो के बीच अंतर सिर्फ 10261 वोटो का रहा। बरवाला का वोट प्रतिशत 79.48 रहा। 2014 में यहां 158459 मतदाता रहें। जिनमें 85126 पुरूष मतदाता थे और 73333 महिला मतदाता थे।

पार्टी प्रत्याशी वोट प्राप्त अंतर
इनेलो वेद नारंग 34941  
बीजेपी सुरेंद्र पुनिया 24680 10261

2019 की टक्कर

हरियाणा चुनाव 2019 में सत्ताधारी बीजेपी ने 2014 के विधानसभा चुनाव में दूसरे नंबर पर रहे सुरेंद्र पुनिया को बरवाला से एक बार फिर भरोसा जताया है। एक के बाद एक विधायक के पार्टी छोड़ने और भीतरी कलह से जुझ रहीं कांग्रेस जिसका इस सीट पर गढ़ भी कह सकते है भूपेंद्र गंगवार को उतारा है। वहीं दो गुटो में बटी इनेलो ने रविंद्र खोखा को टिकट दी है। जेजेपी ने इस सीट से जोगी राम सिहाग को चुनावी रण में उतारा है। यहां 2019 में 172436 मतदाता है।

पार्टी प्रत्याशी
बीजेपी सुरेंद्र पुनिया
कांग्रेस भूपेंद्र गंगवार
इनेलो रविंद्र खोखा
जेजेपी जोगी राम सिहाग

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