ट्रोल होने के बाद रविशंकर प्रसाद ने वापस लिया आर्थिक मंदी पर अपना ‘फिल्मी’ बयान, यूजर्स बोले- ‘दो दिवसीय मनोरंजन के लिए धन्यवाद’

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हरियाणा न्यूज़: केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने आर्थिक मंदी को लेकर अजीबोगरीब तर्क दिया है। उन्होंने मंदी को बॉलीवुड फिल्मों की कमाई से जोड़ दिया है, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उन्हें जमकर ट्रोल किया जा रहा है। हालांकि ट्रोल होने के बाद रविवार को उन्होंने अपना बयान वापस ले लिया। दरअसल, कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने शनिवार को बॉलीवुड फिल्मों की सफलता का उदाहरण देते हुए अर्थव्यवस्था में सुस्ती की बात को खारिज कर दिया।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि दो अक्टूबर को तीन फिल्मों ने 120 करोड़ रुपये की कमाई की। यह “अर्थव्यवस्था” में मजबूती का संकेत देती है। केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी ने बेरोजगारी पर राष्‍ट्रीय नमूना सर्वेक्षण कार्यालय (एनएसएसओ) की रिपोर्ट को भी “गलत” बताया। इसमें कहा गया था कि साल 2017 में बेरोजगारी की दर पिछले 45 साल में सबसे ज्यादा रही।

प्रसाद ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “दो अक्टूबर को राष्ट्रीय अवकाश के दिन तीन हिंदी फिल्मों ने 120 करोड़ रुपये की कमाई है। यदि अर्थव्यवस्था मजबूत नहीं होती तो केवल तीन फिल्में एक दिन में 120 करोड़ रुपये का कारोबार कैसे करतीं?”

ट्रोल होने के बाद वापस लिया बयान

इस बीच ट्रोल होने के बाद रविशंकर प्रसाद रविवार को अपने दिए बयान से यू टर्न लेते हुए दिखाई दिए। उन्होंने अपने सफाई में प्रेस रिलीज करते हुए कहा कि मेरे बयान को तोड़मोड़ कर दिखाया गया है। हालांकि, एक संवेदनशील व्यक्ति होने के नाते मैं अपने बयान को वापस लेता हूं।

एक बयान जारी कर केंद्रीय मंत्री ने कहा है, ”मैंने अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए सरकार की ओर से उठाए जा रहे कदमों की बात भी कही थी। नरेंद्र मोदी की सरकार हमेशा आम लोगों की फिक्र करती है। मीडिया से बातचीत का पूरा वीडियो मेरे सोशल मीडिया पर मौजूद है। मुझे दुख है कि मेरे बयान के एक हिस्से को संदर्भों से काटकर दिखाया गया। एक संवेदनशील व्यक्ति होने के नाते मैं अपना बयान वापस लेता हूं।”

देखें, लोगों की प्रतिक्रियाएं:

बता दें कि है कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने भी कुछ दिन पहले कहा कि भारत और ब्राजील में आर्थिक सुस्ती इस साल कुछ ज्यादा साफ दिखती है। प्रसाद ने आरोप लगाया है कि कुछ लोग योजनाबद्ध तरीके से सरकार के खिलाफ लोगों को बेरोजगारी की स्थिति के बारे में गुमराह कर रहे हैं।

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