बाबरी मस्जिद ढहाए जाने से जुड़ा कोई फुटेज न दिखाएं न्यूज चैनल: NBSA

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हरियाणा न्यूज़: समाचार प्रसारण व मानक प्राधिकरण (एनबीएसए) ने सभी टेलीविजन चैनलों को परामर्श जारी किया है कि वह राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले में खबर देते वक्त ‘‘सतर्कता’’ बरतें और तनाव पैदा करने वाली ‘‘भड़काऊ बहसों’’ से दूर रहें। उनसे यह सलाह भी दी है कि अयोध्या मामले पर किसी भी समाचार में वह बाबरी मस्जिद ढहाए जाने से जुड़े़ कोई फुटेज नहीं दिखाए। बता दें कि एनबीएसए समाचार चैनलों के लिए स्व नियामक संस्था है।

बुधवार को जारी दो पन्नों के सलाह में कहा गया, ‘‘सुप्रीम कोर्ट में जारी मौजूदा सुनवाई के मद्देनजर अटकलों पर आधारित कोई प्रसारण नहीं किया जाए, इसके अलावा फैसले से पहले उसके बारे में और उसके संभावित परिणामों के बारे में भी कोई प्रसारण नहीं किया जाए जो सनसनीखेज, भड़काऊ या उकसाने वाला हो।’’ पीटीआई के मुताबिक यह परामर्श बुधवार को जारी किया गया।

सत्यता की पुष्टि के बाद ही होगा प्रसारण

इसमें समाचार चैनलों से कहा गया है कि वह सुप्रीम कोर्ट में लंबित सुनवाई के संबंध में तब तक कोई समाचार प्रसारित नहीं करें जब तक कि उनके रिपोर्ट या संपादक ने ठीक तरह से उसकी प्रामाणिकता और सत्यता की पुष्टि मुख्य रूप से अदालत के रिकॉर्डों से या सुनवाई के दौरान खुद उपस्थित होकर नहीं कर ली हो।

इसमें कहा गया है कि चैनल अयोध्या मामले में लोगों के जश्न या प्रदर्शन दिखाने वाले दृश्य प्रसारित नहीं करे। परामर्श में कहा गया है कि, ‘‘किसी भी समाचार\कार्यक्रम के प्रसारण से ऐसा संदेश नहीं जाना चाहिए कि किसी भी समुदाय के प्रति पक्षपात किया गया है या किसी के प्रति पूर्वाग्रह रहा है।”

सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

बता दें कि बुधवार को प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने 40 दिन तक हिंदू और मुस्लिम पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुनवाई का समपान कर दिया था और फैसला सुरक्षित रख लिया था। राजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील इस मुद्दे पर 17 नवंबर से पहले ही फैसला आने की उम्मीद है, क्योंकि प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई इस दिन रिटायर हो रहे हैं।

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