महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने से 1 दिन पहले राजनीति गरम, BJP-शिवसेना ने एक दूसरे पर लगाए आरोप

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हरियाणा न्यूज़: महाराष्ट्र की वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल कल यानी 9 नवंबर को समाप्त हो रहा है। इससे पहले ही शुक्रवार को प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई। राज्य में जारी राजनीतिक उठा-पटक के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज यानी शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। फडणवीस आज बीजेपी नेताओं के साथ दक्षिण मुंबई स्थित राजभवन पहुंचे और राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को अपना इस्तीफा सौंप दिया।

फडणवीस ने शिवसेना पर साधा निशाना

मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद फडणवीस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिवसेना पर जमकर निशाना साधा। शिवसेना के साथ मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही खींचतान को लेकर उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे ने सरकार बनाने की बात कही थी। ढाई-ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई वायदा नहीं हुआ था। शिवेसना के ’50-50′ फॉर्मूले के तह ढाई-ढाई साल के लिए दोनों दलों के मुख्यमंत्री की मांग को गलत बताते हुए फडणवीस ने कहा कि इसपर कभी कोई फैसला नहीं हुआ था।

सहयोगी शिवसेना पर तीखे हमले करते हुए फडणवीस ने कहा कि चुनाव हमारे साथ जीतकर आई शिवसेना और बातचीत एनसीपी से करती रही। शिवसेना पर हमला बोलते हुए फडणवीस ने कहा कि मैंने व्यक्तिगत तौर पर उद्धव ठाकरेजी को कई बार फोन किया, मगर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि अगर हम शिवसेना के साथ रहते हैं और वे पीएम नरेंद्र मोदी पर टिप्पणी करना जारी रखते हैं तो ये अस्वीकार्य होगा। 

फडणवीस के आरोपों पर उद्धव ठाकरे का जवाब

देवेंद्र फडणवीस की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी मीडिया को संबोधित किया और देवेंद्र फडणवीस के आरोपों पर जवाब दिया। उद्धव ठाकरे ने कहा कि बीजेपी ने पांच साल तक राजनीति की, वह हम पर झूठ बोलने का आरोप लगा रही है। मगर शिवसेना झूठों की पार्टी नहीं है, हम जुबान देते हैं तो निभाते भी हैं। हम जनता के लिए लड़ते हैं। हम किसी भी कीमत पर डिप्टी सीएम पद के लिए तैयार नहीं हैं।

शिवसेना प्रमुख ने कहा कि मैंने बालासाहेब से वादा किया था कि एक दिन शिवसेना का मुख्यमंत्री होगा और इस वादे को मैं पूरा करूंगा। इस वादे को पूरा करने के लिए मुझे अमित शाह और देवेंद्र फडणवीस की जरूरत नहीं। उन्होंने कहा कि देवेंद्र फडणवीस ने अमित शाह का हवाला देकर 2.5 साल के सीएम की बात होने से इनकार किया, जनता को पता है कौन झूठ बोल रहा है।

शिवसेना नेता ने कहा कि हमारे काम बीजेपी जैसा नहीं। अमित शाह ने कहा था कि जिनकी ज्यादा सीट उनका सीएम। मैंने कहा, मैं यह नहीं मानूंगा। पदों और मुख्यमंत्री पद को लेकर 50-50 पर सहमति बनी थी। मुझे इसपर सफाई देने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि मैंने उनका (बीजेपी) का समर्थन इसलिए किया था क्योंकि देवेंद्र फडणवीस मेरे अच्छे मित्र हैं। क्या फैसला हुआ था इस बारे में मैं शिवसैनिकों से झूठ नहीं बोल सकता हूं। मोदीजी पर टिप्पणी की बात कही गई, मैंने मोदीजी पर कोई टिप्पणी नहीं की।

चुनाव परिणाम आने के बाद से जारी है घमासान

महाराष्ट्र में 24 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के एक पखवाड़े बाद भी सरकार गठन पर कोई सहमति नहीं बनी है। बीजेपी और शिवसेना के बीच मुख्यमंत्री के पद को लेकर रस्साकशी के कारण उनके पास संयुक्त रूप से 161 विधायकों के साथ बहुमत से अधिक का आंकड़ा होने के बावजूद सरकार गठन पर गतिरोध बना हुआ है। महाराष्ट्र में 288 सदस्यीय सदन में बहुमत का आंकड़ा 145 है। विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 105 सीट, शिवसेना ने 56, राकांपा ने 54 और कांग्रेस ने 44 सीट जीती है।

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