न्याय के लिए बीच सडक़ पर महिला का हाईप्रोफाईल ड्रामा, पुलिस ने किया नजरअंदाज

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हरियाणा न्यूज: पुलिस से न्याय पाने के लिए एक महिला ने महिला थाने के कुछ ही दूरी पर करीब घंटाभर हाईप्रोफाईल ड्रामा किया। महिला अपने तीन बच्चों के साथ सडक़ के बीच लेट गई और पुलिस की कार्यशैली को लेकर रोष जताया। महिला बीच सडक़ पर बुरी तरह से रोती रहीं। इस दौरान जिला पुलिस की पीसीआर, सिटी पुलिस स्टेशन और सीआईए स्टॉफ के कर्मचारी भी वहां से निकले, लेकिन किसी ने भी अपनी गाड़ी रोक कर न तो महिला को बीच रास्ते से हटाया और न ही उसकी कोई फरीयाद सुनी। करीब घंटाभर गुजरने के बाद राहगिरों की मदद से पीडि़ता को पुलिस स्टेशन लाया गया।

महिला का आरोप है कि जिले के गांव ढाकला निवासी उसके पति मनोज,सास सुखदेवी,जेठ ढीलू और जेठानी ने उसके साथ मारपीट की और उसे जान से मारने की धमकी देकर घर से निकाल दिया। सुनीता नामक इस पीडि़ता का यह भी आरोप है कि जब वह यहां झज्जर के महिला पुलिस थाने में अपनी शिकायत के लिए आई तो मौके पर मौजूद महिला पुलिस कर्मचारी ने आरोपियों के सामने ही उसे थप्पड़ मारा और उसकी चोटी पकडक़र उसे थाने से बाहर निकाल दिया।

महिला का कहना था कि महिला पुलिस की आरोपियों के साथ सांठ-गांठ है और इसी के चलते उसकी कार्यवाहीं नहीं की जा रही है। इस मामले में जब मीडिया के लोगों ने महिला पुलिस का पक्ष जानना चाहा तो महिला थाना प्रभारी ने बाहर होने की बात कह कर कुछ भी कहने से इन्कार कर दिया। महिला थाना प्रभारी का कहना था कि मामला दर्ज किया हुआ है और महिला को बीती देर शाम उपचार के लिए झज्जर के सामान्य अस्पताल में भर्ती भी करा दिया गया था। लेकिन वह सडक़ पर कैसे पहुंची।

हैरत की बात तो यह रहीं कि जिस समय बीच सडक़ पर महिला लेट कर पुलिस के खिलाफ आक्रोष जताते हुए रो रही थी तो उस दौरान अनेकों छोटे-बड़े वाहन वहां से गुजरे। लेकिन यदि मौके पर खड़ी जनता उसका बचाव न करती तो वह किसी भी वाहन के नीचे कुचली जा सकती थी और कोई बड़ा हादसा हो सकता था। फिलहाल इस पूरे मामले पर पूरे झज्जर जिला पुलिस प्रशासन ने चुप्पी साध रखी है औ कैमरे के सामने कोई भी कुछ भी कहने से बच रहा है।

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