राजा तेजसिंह द्वारा बनाई गई 450 साल पुरानी ऐतिहासिक धरोहर, जानिए क्यों खो रही है अपना अस्तित्व

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हरियाणा न्यूज: रेवाड़ी की ऐतिहासिक धरोहर तेज सरोवर और सोलहराही की जो करीब साढ़े चार सौ साल पूर्व यहां के राजा तेजसिंह ने बनवाई थी। यह दोनों ऐतिहासिक धरोहर का रखरखाव और प्रशासनिक उदासीनता के कारण अपना अस्तित्व खोती हुई नजर आ रही हैं। कि किस क़दर लोगों ने इसे गंदगी के ढेर में तब्दील कर इन्हें बदसूरत बनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। इसी तेज सरोवर के साथ लगता एक हनुमानजी का वर्षों पुराना मंदिर भी है, जो श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। जहां हर मंगलवार दूरदराज से हजारों लोग हनुमानजी के दर्शन करने आते हैं।

मंदिर के पुजारी की माने तो, यह ऐतिहासिक धरोहर करीब साढ़े चार सौ साल पूर्व यहां के राजा तेज सिंह ने बनवाई थी, लेकिन अब प्रशासन की उदासीनता के कारण यह गंदगी के ढ़ेर और खंडहर में तब्दील हो रही है। हालांकि यहां के सांसद ने पांच वर्ष पूर्व दस लाख रुपये इसकी मरम्मत के लिये दिया था जो ऊंट के मुंह में जीरे के समान था।

पिछली योजना में भी सरकार की तरफ से इस तेज सरोवर के लिए साढ़े आठ करोड़ रुपये का बजट आया था। लेकिन विधानसभा चुनावों के कारण इसका काम अधर में लटक गया। प्रशासन भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। अगर कोई उपायुक्त यहां काम करने लगता है, तो उसकी बदली हो जाती है, शायद यह रेवाड़ी का दुर्भाग्य ही है कि इतना रमणीक स्थल गंदगी के ढेर में तब्दील हो रहा है।

राजस्थान से रेवाड़ी आये इन लोगों की माने तो, इन्होंने इस ऐतिहासिक तेज सरोवर के बारे में सुना, लेकिन जब इसे देखने आए तो इतने सुंदर रमणीक स्थल पर फैले गन्दगी के ढेरों व खंडहर होती इस धरोहर को देख मन काफी दुखी हुआ कि किस कदर प्रशासनिक उदासीनता के कारण यह धरोहर अपना अस्तित्व खो रही है। अगर यहां का प्रशासन और राजनेता चाहें तो इसे एक पर्यटक स्थल बनाकर लाखों का राजस्व एकत्र कर रेवाड़ी का प्रारूप बदल सकते हैं।

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