झटका: RBI ने नहीं घटाया रेपो रेट, GDP अनुमान 6.1% से घटाकर 5% किया

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हरियाणा न्यूज़: चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में खुदरा मंहगाई के बढ़ने और आर्थिक विकास के 5.0 प्रतिशत पर आने का अनुमान को जताते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने नीतिगत दरों को यथावत बनाए रखने का फैसला लिया है जिससे घर, वाहन आदि के लिए सस्ते कर्ज की उम्मीद लगाए लोगों को निराश होना पड़ेगा।

रिजर्व बैंक ने लगातार पांच वार में रेपो दर में 1.35 प्रतिशत की कटौती कर चुका था और इस बार इस छठवीं बैठक में ब्याज दरों में कम से कम एक चाथाई फीसदी की कमी किए जाने की उम्मीद की जा रही थी, क्योंकि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में देश की आर्थिक विकास दर छह वर्ष के निचले स्तर 4.5 प्रतिशत पर आ गई है।

केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति समिति की तीन दिवसीय बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया। शुक्रवार को बैठक के बाद जारी बयान में कहा गया है कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में खुदरा महंगाई बढ़कर 5.1 प्रतिशत से 4.7 प्रतिशत के बीच पहुंच सकती है। समिति ने वैश्विक और घरेलू कारकों से आर्थिक विकास में आई सुस्ती का हवाला देते हुए चालू वित्त वर्ष के विकास अनुमान को 6.1 प्रतिशत से घटाकर 5.0 प्रतिशत कर दिया है।

क्या है रेपो रेट?

समिति ने रेपो दर को 5.15 प्रतिशत, रिवर्स रेपो दर को 4.90 प्रतिशत, मार्जिनल स्टैंडिंग फैसेलिटी दर (एमएसएफआर) 5.40 प्रतिशत, बैंक दर 5.40 प्रतिशत, नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) को 4.0 प्रतिशत और वैधानिक तरलता अनुपात (एसएलआर) को 18.50 प्रतिशत पर यथावत बनाए रखने का निर्णय लिया है। रेपो दर वह दर है जिस पर रिजर्व बैंक वाणिज्यिक बैंकों को कर्ज देता है।

RBI ने GDP अनुमान 6.1% से घटाकर 5% किया

केंद्रीय बैंक ने चालू वित्त वर्ष के लिए विकास अनुमान को 6.1 प्रतिशत से कम कर 5.0 प्रतिशत कर दिया है। दूसरी छमाही में इसके 4.9 से 5.5 प्रतिशत के बीच और अगले वित्त वर्ष की पहली छमाही में इसके 5.9 से 6.3 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान व्यक्त किया गया है।

बैठक के बाद जारी बयान में कहा गया है कि चालू वित्त वर्ष की चौथी द्विमासिक बैठक में दूसरी छमाही में खुदरा महंगाई के 3.5 प्रतिशत से 3.7 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान व्यक्त किया गया था, लेकिन वर्तमान वैश्विक घटनाक्रमों और घरेलू स्तर पर खरीफ सीजन में बुआई के आंकड़ों को देखते हुए इस अनुमान को बढ़ाकर 5.1 प्रतिशत से 4.7 प्रतिशत के बीच रहने की संभावना जताई गई है।

समिति ने कहा है कि चौथी बैठक में चालू वित्त वर्ष में विकास अनुमान 6.1 प्रतिशत व्यक्त किया गया था, लेकिन अभी घरेलू और वैश्विक मांग में सुस्ती बनी हुई है। रिजर्व बैंक के कारोबारी भारोसा सूचकांक सर्वेक्षण का हवाला देते हुए कहा गया है कि चालू वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में कारोबारी भरोसा बढ़ेगा।

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