नागरिकता कानून के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन पर पहली बार बोले PM मोदी- आग लगाने वालों का उनके कपड़ों से हो रही पहचान

0
285

हरियाणा न्यूज़: नागरिकता संशोधन विधेयक पर मचे सियासी बवाल और इसको लेकर पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों में हो रहे हिंसक विरोध-प्रदर्शन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। नागरिकता कानून को लेकर पीएम मोदी ने कांग्रेस और उनके सहयोगियों पर तीखा हमला बोला है।

झारखंड के दुमका में प्रधानमंत्री ने नागरिकता कानून के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन पर कहा कि नागरिकता बिल के खिलाफ कांग्रेस और उसके साथी हो-हल्ला मचा रहे हैं और तूफान खड़ा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये जो आग लगा रहे हैं, टीवी पर जो उनके दृश्य आ रहे हैं, ये आग लगाने वाले कौन हैं, उनके कपड़ों से ही पता चल जाता है।

कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘ये कांग्रेस और उसके साथी हो-हल्ला मचा रहे हैं, तूफान खड़ा कर रहे हैं। उनकी बात चलती नहीं है तो आगजनी फैला रहे हैं। ये जो आग लगा रहे हैं, टीवी पर जो उनके दृश्य आ रहे हैं, ये आग लगाने वाले कौन हैं, उनके कपड़ों से ही पता चल जाता है।’

पीएम मोदी ने कहा, “हमारे देश की संसद ने नागरिकता कानून से जुड़ा एक महत्वपूर्ण बदलाव किया। इस बदलाव के कारण पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से जो वहां कम संख्या में थे, जो अलग धर्म का पालन करते थे, इसलिए वहां उन पर जुल्म हुए।”

प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “उनका वहां जीना मुश्किल हो गया। ये तीन देशों से हिंदू, ईसाई, सिख, पारसी, जैन, बौद्ध उनको वहां से अपना गांव, घर, परिवार सबकुछ छोड़कर भारत में भाग कर यहां शरणार्थी की जिंदगी जीने के लिए मजबूर होना पड़ा।”

पीएम मोदी ने कहा कि, “उनके जीवन को सुधारने के लिए, इन गरीबों को सम्मान मिले इसलिए भारत की दोनों सदनों में भारी बहुमत से इन गरीबों के लिए नागरिकता का निर्णय किया।” कांग्रेस पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा, “देश का भला करने की, देश के लोगों का भला करने की इन लोगों से उम्मीद नहीं बची है। ये सिर्फ और सिर्फ अपने परिवार के बारे में सोचते हैं।”

पीएम मोदी ने कहा कि मैं असम के भाइयों-बहनों का सर झूकाकर अभिनंदन करता हूं कि इन्होंने हिंसा करने वालों को अपने से अलग कर दिया है। शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात बता रहे हैं। देश का मान-सम्मान बढ़े ऐसा व्यवहार असम, नार्थ ईस्ट कर रहा है।

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here