प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन कानून तोड़ना बर्दाश्त नहीं करेगी सरकार: अनिल विज

0
88

हरियाणा न्यूज़: संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के खिलाफ हो रहे हिंसक विरोध-प्रदर्शन के बीच हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने शनिवार को कहा कि प्रदर्शन करना एक लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन किसी के भी द्वारा कानून तोड़ने को सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी। पीटीआई के मुताबिक, हरियाणा सरकार द्वारा जारी एक बयान में विज ने कहा, “प्रदर्शन करना एक लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन अगर कोई भी कानून को अपने हाथ में लेता हुआ पाया गया तो इसे सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी।”

गृह मंत्री ने आगे कहा कि संशोधित नागरिकता कानून “लोगों को विभाजित करने के लिए नहीं है, बल्कि ये देशवासियों को जोड़ने का काम करेगा।” विज ने कहा, “ये (कानून) देशवासियों के हित में है।” साथ ही उन्होंने लोगों से कहा कि इस वे मुद्दे पर विपक्षी दलों के बहकावे में न आए। बता दें कि इन दिनों देश के कई राज्यों में सीएए के विरोध में हिंसक प्रदर्शन हो रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर विपक्षी दलों पर झूठ को प्रचारित कर लोगों को भ्रमित करने का आरोप लगाया और विपक्षी के नेताओं को चुनौती दी कि यदि उनके किसी काम में भेदभाव नजर आता है तो उसे देश के समक्ष रखें।

प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में एक विशाल रैली को संबोधित करते हुए कि विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उन्हें मोदी से नफरत है इसलिए उनके पुतले जलाएं। उनको निशाना बनाए लेकिन लोगों के घर नहीं जलाएं। उन्होंने विपक्षी दलों पर मुंह छिपाकर हिंसा का खेल खेलने का आरोप लगाया।

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here