‘हिंसा किसी समस्या का समाधान नहीं’, पढ़ें- गणतंत्र दिवस पर PM मोदी के ‘मन की बात’ की 10 बड़ी बातें

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हरियाणा न्यूज़: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 71वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 61वें संस्करण को संबोधित किया। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने देश के विभिन्न राज्यों और क्षेत्रों में चल रहे कार्यों की भी सराहना करते हुए उन्होंने राजस्थान और अल्मोड़ा में जल संरक्षण के लिए किए गए कार्यों का उदाहरण दिया। ‘मन की बात’ का यह 61वां संस्करण और 2020 का पहला कार्यक्रम था।

पीएम नरेंद्र मोदी ने गणतंत्र दिवस पर ‘मन की बात’ में कहा कि हिंसा से किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकता है। उन्होंने किसी भी वजह से हथियार उठाने वाले लोगों को बातचीत के जरिए समाधान खोजने की नसीहत दी।

ऐसा पहली बार है जब गणतंत्र दिवस आयोजन के चलते उनके कार्यक्रम ‘मन की बात’ का समय शाम को किया गया है। गणतंत्र दिवस समारोह की वजह से 61वें रेडियो कार्यक्रम के समय में बदलाव किया गया। सुबह 11 बजे की बजाय आज के लिए शाम 6 बजे का वक्त तय किया गया था।

पढ़ें- ‘मन की बात’ की 10 बड़ी बातें

  • आज 26 जनवरी है। गणतंत्र पर्व की अनेक-अनेक शुभकामनाएं। 2020 का ये प्रथम ‘मन की बात’ का मिलन है। इस वर्ष का भी यह पहला कार्यक्रम है, इस दशक का भी यह पहला कार्यक्रम है।
  • दिन बदलते हैं, हफ्ते बदल जाते हैं, महीने भी बदलते हैं, साल बदल जाते हैं, लेकिन भारत के लोगों का उत्साह और हम भी कुछ कम नहीं हैं, हम भी कुछ करके रहेंगे। Can do… ये Can do का भाव, संकल्प बनता हुआ उभर रहा है।
  • ‘मन की बात’ – sharing, learning और growing together का एक अच्छा और सहज platform बन गया है। हर महीने हज़ारों की संख्या में लोग, अपने सुझाव, अपने प्रयास, अपने अनुभव share करते हैं। जब हर भारतवासी एक कदम चलता है तो हमारा भारतवर्ष 130 करोड़ कदम आगे बढ़ाता है। इसलिए चरैवेति, चरैवेति… का मंत्र लिए अपने प्रयास करते रहें।
  • 2020 के पद्म-पुरस्कारों के लिए इस साल 46 हज़ार से अधिक नामांकन प्राप्त हुए। ये संख्या 2014 के मुक़ाबले 20 गुना से भी अधिक है। यह आँकड़े जन-जन के इस विश्वास को दर्शाते हैं कि पद्म-अवार्ड, अब People’s Award बन चुका है।
  • साथियों, आपको पता ही होगा इस मिशन में astronaut यानी अंतरिक्ष यात्री के लिए 4 उम्मीदवारों का चयन कर लिया गया है। ये चारों युवा भारतीय वायु-सेना के पायलट हैं। ये होनहार युवा भारत का कौशल, प्रतिभा, क्षमता, साहस और भारत के सपनों का प्रतीक हैं।
  • आज गणतंत्र-दिवस के पावन अवसर पर मुझे ‘गगनयान’ के बारे में बताते हुए अपार हर्ष हो रहा है। 2022 में हमारी आजादी के 75 साल पूरे होने वाले हैं और उस मौके पर हमें गगनयान मिशन के साथ एक भारतवासी को अंतरिक्ष में ले जाने के अपने संकल्प को सिद्ध करना है।
  • हम इक्कीसवीं सदी में हैं, जो ज्ञान-विज्ञान और लोकतंत्र का युग है। क्या आपने किसी ऐसी जगह के बारे में सुना है जहां हिंसा से जीवन बेहतर हुआ हो? हिंसा, किसी समस्या का समाधान नहीं करती।
  • देशवासियों को यह जानकर बहुत प्रसन्ता होगी कि North-East में insurgency बहुत-एक मात्रा में कम हुई है और इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि इस क्षेत्र से जुड़े हर एक मुद्दे को शांति के साथ, ईमानदारी से चर्चा करके सुलझाया जा रहा है।
  • अभी कुछ दिनों पहले असम में 8 अलग-अलग मिलिटेंट ग्रुप के सैकड़ों लोगों ने अपने हथियारों के साथ आत्म-समर्पण किया। जो पहले हिंसा के रास्ते पर चले गए थे, उन्होंने अपना विश्वास, शान्ति में जताया और देश के विकास में भागीदार बनने का निर्णय लिया है।
  • 18 जनवरी को यवाओं ने देशभर में cyclothon का आयोजन किया। जिसमें शामिल लाखों देशवासियों ने फिटनेस का संदेश दिया। हमारा New India पूरी तरह से फिट रहे इसके लिए हर स्तर पर जो प्रयास देखने को मिल रहे हैं, वे जोश और उत्साह से भर देने वाले हैं।

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