…तो क्या शाहीन बाग में CAA नहीं, PM मोदी के खिलाफ हो रहा प्रदर्शन? पढ़ें, पूरी रिपोर्ट

0
100

हरियाणा न्यूज़: केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने सोमवार को आरोप लगाया कि दिल्ली के शाहीन बाग का प्रदर्शन ‘कुछ सौ लोगों द्वारा मौन बहुसंख्यकों को दबाने की कोशिश के सटीक उदाहरण’ के रूप में सामने आया है। उन्होंने दावा किया कि भारत को टुकड़े-टुकड़े करने की मंशा रखने वालों को शाहीन बाग प्रदर्शन की आड़ मिल रही है।

केंद्रीय मंत्री ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फेंस में कहा कि ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ के तत्वों को शाहीन बाग मंच मुहैया करवा रहा है। यह प्रदर्शन केवल सीएए के खिलाफ नहीं बल्कि (प्रधानमंत्री नरेंद्र) मोदी के खिलाफ है। उन्होंने कहा, ‘‘लाखों लोग परेशान हैं क्योंकि शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों ने सड़क अवरुद्ध कर दी है जिसके कारण वे दफ्तर नहीं जा पा रहे, दुकानें बंद हैं और बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं।’’

प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी, केजरीवाल खामोश हैं, लेकिन उनके लोग खूब बोल रहे हैं। मनीष सिसोदिया बोलते हैं हम शाहीन बाग के साथ हैं। कांग्रेस के दिग्विजय सिंह और मणिशंकर अय्यर वहां जाकर क्या-क्या बोले हैं वो आप जानते हैं।आजकल कांग्रेस के नेताओं का पाकिस्तान प्रेम बहुत कौतुहल का विषय बना हुआ है।

उन्होंने कहा कि मणिशंकर अय्यर जाएंगे तो अपने सारे विचार पाकिस्तान में रखेंगे, उनके दूसरे मित्र कभी हिंदू-पाकिस्तान तो कभी जिन्ना। बीजेपी नेता ने कहा कि मैं कांग्रेस के लोगों को एक बात साफ-साफ कहना चाहता हूं कि अब इस देश बंटवारा होने नहीं दिया जाएगा। अगर कोई ऐसा करेगा तो उसके खिलाफ शख्त कार्रवाई की जाएगी।

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि ये कैसा हिंदुस्तान हम बनाना चाहते हैं? ये कैसी दिल्ली हम बनाना चाहते हैं? दिल्ली में कुछ लोग होंगे टुकड़े-टुकड़े के नाम पर अपनी आवाज बुलंद करेंगे। क्या दिल्ली में ऐसे लोगों को जगह मिलनी चाहिए जो असम को भारत से काटने की बात करेंगे?आजकल संविधान की चर्चा बहुत होती है, संविधान में बोलने का अधिकार भी है।

उन्होंने कहा कि लेकिन यह अधिकार क्या केवल उन कुछ लोगों को ही है, जो जबरदस्ती सड़क घेरे हुए हैं। लेकिन वो लाखों लोग जो परेशान हैं, पर चुप हैं, क्या उन्हें बोलने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल, सिसोदिया शाहीन बाग वालों के साथ खड़े हैं। लेकिन उन लाखों लोगों की शांत आवाज उनको क्यों नहीं सुनाई देती? जिनके बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहें, लोग दफ्तर नहीं जा पा रहें? दुकाने बंद हैं, एंबुलेंस नहीं निकल सकती। ये हैं बड़े सवाल?

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here