नया डेथ वारंट जारी न होने पर भड़कीं निर्भया की मां, ‘मेरे साथ नाइंसाफी हो रही है और दोषियों के साथ…’

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2012 निर्भया गैंगरेप और हत्याकांड केस के चारों दोषियों को फांसी कब होगी यह अभी तक साफ नहीं हुआ है। दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने दोषियों के फांसी के लिए नई तारीख की मांग करने वाली तिहाड़ जेल अधिकारियों की याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी। कोर्ट द्वारा याचिका खारिज होने से निराश निर्भया की मां आशा देवी ने कहा है कि कहीं न कहीं हमारे साथ नाइंसाफी हो रही है और दोषियों के साथ इंसाफ हो रहा है।

निर्भया की मां ने कहा, “आज कुछ भी पेंडिंग नहीं था फिर भी मौत की सजा नहीं सुनाई गई।उन्होंने फांसी की तारीख टालने के लिए याचिका डाली, फांसी टल गई।हमने अपने इंसाफ के लिए तारीख मांगी नहीं मिली।’ कहीं न कहीं हमारे साथ नाइंसाफी हो रही है और इंसाफ उनके साथ हो रहा है।”

वहीं, पीड़िता के पिता ने कहा कि अगर फैसला एक दिन भी हमारे पक्ष में हो जाए तो अपराधियों को फांसी हो जाए। सरकार जाने कि अब दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा कैसे होगी। निर्भया को देर सवेर न्याय जरूर मिलेगा, लेकिन दिल्ली की महिलाएं कैसे सुरक्षित होंगी अब हमें समझ नहीं आ रहा।

कोर्ट ने क्या कहा?

पीटीआई के मुताबिक, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धमेंद्र राणा ने दिल्ली हाई कोर्ट के पांच फरवरी के उस आदेश पर गौर किया, जिसमें चारों दोषियों को एक सप्ताह के भीतर कानूनी विकल्पों का उपयोग करने की अनुमति दी गई थी। अदालत ने कहा, ‘‘जब दोषियों को कानून जीवित रहने की इजाजत देता है, तब उन्हें फांसी पर चढाना पाप है। हाई कोर्ट ने पांच फरवरी को न्याय के हित में दोषियों को इस आदेश के एक सप्ताह के अंदर अपने कानूनी विकल्पों का उपयोग करने की इजाजत दी थी।’’

न्यायाधीश ने कहा , ‘‘मैं दोषियों के वकील की इस दलील से सहमत हूं कि महज संदेह और अटकलबाजी के आधार पर मौत के वांरट को तामील नहीं किया जा सकता है। इस तरह, यह याचिका खारिज की जाती है। जब भी जरूरी हो तो सरकार उपयुक्त अर्जी देने के लिए स्वतंत्र है।’’ बता दें कि चारों दोषियों के खिलाफ दो बार जारी डेथ वारंट रद्द हो चुका है और वे अभी जेल में बंद हैं।

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