निर्भया मामला: सुप्रीम कोर्ट ने दोषी विनय शर्मा की याचिका को किया खारिज, जानें क्या कहा?

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2012 निर्भया सामूहिक बलात्कार और हत्याकांड मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दोषी विनय कुमार शर्मा की राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा दया याचिका अस्वीकार करने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा कि मेडिकल रिपोर्ट में कहा गया है कि विनय मनोवैज्ञानिक तौर पर फिट है और उसकी मेडिकल स्थिति स्थिर है।

जस्टिस आर भानुमति, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एएस बोपन्ना की पीठ ने कहा कि राष्ट्रपति ने विनय की याचिका खारिज करने से पहले सभी पहलुओं और दस्तावेजों का अध्ययन किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने विनय के मनोरोगी होने के दावे को भी खारिज कर दिया। शीर्ष अदालत ने कहा कि दोषी की सामान्य मेडिकल कंडीशन दिखाती है कि मानसिक रूप से सामान्य है।

इससे पहले शर्मा के वकील ने अदालत में आरोप लगाया था कि दिल्ली के उपराज्यपाल और गृह मंत्री ने दया याचिका खारिज करने के सुझाव पर हस्ताक्षर नहीं किए थे। शर्मा के वकील ए. पी. सिंह ने राष्ट्रपति के दया याचिका खारिज करने के फैसले के खिलाफ मंगलवार को न्यायालय में याचिका दायर की थी। उन्होंने दावा किया था कि फैसला ‘‘जल्दबाजी’’ में और ‘‘पूर्वाग्रहों’’ के आधार पर और संविधान की भावना का उल्लंघन करते हुए लिया गया।

इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को निर्भया मामले के दोषियों को अलग-अलग फांसी देने के अनुरोध वाली केंद्र की याचिका पर सुनवाई शुक्रवार तक स्थगित करते हुए दोषियों से इस पर जवाब तलब किया था। शीर्ष अदालत ने निर्भया मामले के दोषियों से कहा था कि वे अलग-अलग फांसी देने का अनुरोध कर रही केंद्र की याचिका पर शुक्रवार तक जवाब दाखिल करें।

गौरतलब है कि 16 दिसंबर, 2012 की रात को दक्षिण दिल्ली में एक चलती बस में 23 साल की पैरामेडिकल छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार और बर्बरता की गई थी। जिसके बाद सिंगापुर के एक अस्पताल में इलाज के दौरान 29 दिसंबर 2012 को उसकी मौत हो गई थी। इस निर्मम गैंगरेप के खिलाफ देश भर में विरोध प्रदर्शन हुए थे।

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