मुंबई के वर्सोवा कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक हुए वाजिद खान, भाई साजिद ने नम आंखों से दी विदाई

0
125

मशहूर संगीतकार वाजिद खान को परिवार और करीबी दोस्तों की मौजूदगी में मुंबई के वर्सोवा कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। वाजिद खान का कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद सोमवार को एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह 42 वर्ष के थे। उन्हें पहले से किडनी संबंधी परेशानियां भी थीं।

वाजिद के भाई साजिद खान ने उनके कोविड-19 से संक्रमित होने की जानकारी देते हुए पीटीआई से कहा था कि उनका निधन दिल का दौरा पड़ने से हुआ। पीटीआई के मुताबिक, दोपहर एक बजे उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया। कोरोना वायरस और लॉकडाउन की वजह से वहां केवल 20 लोग मौजूद थे। वहां पुलिस तैनात थी और अवरोधक भी लगाए गए थे। करीबी दोस्तों सहित भाई साजिद और फिल्म उद्योग के कुछ लोग वहां मौजूद थे।

वाजिद खान के अंतिम दर्शन के लिए उनकी पत्नी, बच्चे और बॉलीवुड से जुड़े कुछ लोग पहुंचे। वाजिद के भाई साजिद की आंखों से लगातार आंसू बह रहे थे। साजिद इस वक्त जिस गम में डूबे हैं, वह उनके चेहरे पर साफ झलक रहा था। वाजिद के अंतिम दर्शन के लिए उनके अजीज दोस्त आदित्य पंचोली भी पहुंचे थे।

दिवंगत संगीतकार ने सलमान खान की 1998 में आई फिल्म ‘प्यार किया तो डरना क्या’ से अपने बॉलीवुड करियर का आगाज किया था। इसके बाद उन्होंने सलमान की ‘गर्व’, ‘तेरे नाम’, ‘तुमको ना भूल पाएंगे’, ‘पार्टनर’ और ‘दबंग’ आदि सहित कई हिट फिल्मों में संगीत दिया।

इसके अलावा उन्होंने कई हिट गानों जैसे ‘मेरा ही जलवा‘, ‘फेविकॉल से’, ‘चिंता ता चिता चिता’ का भी संगीत दिया। कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए जारी लॉकडाउन के दौरान सलमान द्वारा यूट्यूब पर रिलीज ‘प्यार करोना’ और ‘भाई-भाई’ गीत का संगीत भी इस मशहूर जोड़ी ने ही दिया था।

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here