पुरुषों से अलग है महिलाओं की सोच, इसलिए महिलाओं के लिए कम खतरनाक है कोरोना

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देशभर में महिलाएं पुरूषों के मुकाबले हर चीज को लेकर ज्यादा सतर्क रहती हैं। इसी का सटीक उदाहरण कोरोना महामारी के दौरान भी देखा गया है। पूर्व अध्ययन के अनुसार वायरस को पुरुषों की तुलना में महिलाओं के लिए कम खतरनाक बताया गया है। कोविड-19 के प्रति महिलाओं का दृष्टिकोण पुरुषों की तुलना में बहुत ही अलग पाया गया है। ऐसे में महामारी के मद्देनजर लगाए गए नियमों को महिलाएं ज्यादा पालन कर रही हैं। पुरुषों की तुलना में महिला कोविड-19 को लेकर अधिक चिंतित नजर आ रही हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक,  सभी आठ देशों में किए गए इस सर्वे में स्वास्थ्य संकट के प्रति दृष्टिकोण में बड़े पैमाने पर लिंग आधारित अंतर पाया गया है। जहां महामारी के दौरान पुरूषों की संक्रमण होने की संख्या लगातार बढ़ी है। तो वहीं महिलाएं की संख्या कम रही है। वहीं इस अध्ययन के परिणाम स्वास्थ्य नीति निर्माताओं को लिंग-विशिष्ट नीतियां और संचार बनाने के बारे में सोचने के लिए विवश कर सकते हैं। क्योंकि दोनों लिंग के बीच एक महत्वपूर्ण व्यवहारिक अंतर देखने को मिला है।

दरअसल, कोविड-19 के प्रति इस व्यवहारिक अंतर के पीछे का कारण यह तथ्य बताता है कि महिलाओं के नेतृत्व वाले देशों ने कोरोना संकट के दौरान प्रोटोकोल का अच्छे से पालन किया है। क्योंकि इससे पूर्व अध्ययनों के मुताबिक, जेसिंडा एर्डर्न और एंजेला मर्कल जैसी महिला लीडरशिप सरकारों के अंतर्गत देश ने कोरोना से लड़ने का अच्छा संदेश दिया है।

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