तेजस्वी करते रह गए सदन में हंगामा, उधर विजय सिन्हा ले गए स्पीकर का पद

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बिहार विधानसभा सत्र कार्यवाही के तीसरे दिन की शुरुआत बाकी बचे चार सदस्यों की शपथ ग्रहण के साथ हुई। जिसके बाद प्रोटेम स्पीकर जीतन राम मांझी ने अध्यक्ष पद के चुनाव की प्रक्रिया शुरू करावाई। प्रोटेम स्पीकर ने सर्वसम्मति से सदस्यों को अध्यक्ष पद के चुनाव करने को कहा, इस प्रस्ताव को विपक्ष ने खारिज कर दिया। इसके बाद मतदान की प्रक्रिया शुरू हुई। इस दौरान सदन में सीएम नीतीश कुमार के रहने पर आरजेडी के सदस्यों ने आपत्ति उठाई और जमकर हंगामा किया। विपक्षी सांसद वेल में आ गए और सीएम नीतीश कुमार की मौजूदगी का विरोध करने लगे। दो घंटे तक हंगामा चलता रहा।

विपक्ष ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री उच्च सदन के सदस्य ऐसे में उन्हें स्पीकर के चुनाव में मौजूद नही रहना चाहिए। प्रोटेम स्पीकर वॉइस वोट से स्पीकर का चुनाव करान चाहते थे, लेकिन विपक्ष राजी नहीं था। विपक्ष इस बात पर भी अड़ा हुआ था कि जब सीएम नीतीश कुमार, मंत्री अशोक चौधरी और मुकेश सहनी नई विधानसभा के सदस्य नहीं हैं तो उन्हें मतदान प्रक्रिया के दौरान सदन से बाहर किया जाए और सीक्रेट बैलेट से वोटिंग कराई जाए। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि सीएम और मंत्री अशोक चौधरी  जो  की सदन के सदस्य नही हैं तो फिर स्पीकर के चुनाव के दौरान यहां क्यों मौजूद हैं ,स्पीकर  पद का चुनाव ध्वनि मत से शुरु होता है। ऐसे में  यह जनादेश की चोरी है,अगर ऐसा करना है तो फाड़ दीजिए नियमन,हम लोग चले जाते हैं।

हंगामें के बाद हाउस 5 मिनट के लिए स्थगित किया गया। इसी 5 मिनट में तेजस्वी यादव ने वीडियो बना कर बयान जारी किया। वीडियों में तेजस्वी ने कहा- देश-दुनिया के सामने लोकतंत्र और संविधान की हत्या हो रही है। विधानसभा चुनाव में जनादेश की चोरी और स्पीकर के चुनाव में भी खुलेआम चोरी हो रही है। नीतीश कुमार विधानसभा नहीं, विधान परिषद के सदस्य हैं। दो मंत्री तो विधान परिषद के भी सदस्य नहीं हैं। उनके कई विधायक गैर-हाजिर हैं और नेताओं को फर्जी विधायक बनाकर बैठाया गया है। नियम कहता है कि जो सदन का सदस्य नहीं होता, उसे वोटिंग के लिए दरवाजे बंद होने से पहले बाहर जाना होता है।

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