पत्नी को फोन कर कहा था ‘यहां सब ठीक है’, तीन घंटे बाद शहादत की खबर से पसरा मातम

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हरियाणा न्यूज: जम्मू-कश्मीर के पुंछ में पाकिस्तान की फायरिंग में अंबाला रहने वाले सीनियर हवलदार निर्मल सिंह शहीद हो गए। 37 वर्षीय निर्मल सिंह सेना की 10 जेके राइफल्स यूनिट में तैनात थे। बताया जा रहा है कि क्रॉस फायरिंग के दौरान यह घटना हुई। इसके बाद उन्हें मौके पर ही प्राथमिक उपचार देकर यूनिट बेस ले जाया गया। हेलीकॉप्टर से मौके पर एक डॉक्टर को भी बुलाया गया लेकिन उन्हें नहीं बचाया जा सका। शहीद निर्मल सिंह अंबाला शहर के जनसूई गांव के रहने वाले थे। परिवार में उनकी पत्नी के अलावा 5 साल की बेटी और 3 साल के बेटे के अलावा एक शारीरिक रूप से अक्षम भाई भी है।

निर्मल की शहादत की सूचना के बाद गांव में गम का माहौल बन गया। आज दोपहर तक शहीद का शव पैतृक गांव पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। इसके बाद तमाम औपचारिकता पूरी करने के बाद शव को सम्मान के साथ गांव जनसूई पहुंचाया जाएगा। शहीद निर्मल सिंह के पिता त्रिलोक सिंह उन्हें पांच वर्ष की उम्र में ही छोड़ गए थे। इसके बाद उनका लालन-पालन दादा भगवान सिंह ने किया। लेकिन दो साल पहले भगवान सिंह का भी निधन हो गया था। इस समय परिवार संकट की स्थिति से गुजर रहा है।

इसी तरह निर्मल सिंह की माता भी बीमार रहती हैं। परिवार में पत्नी के अलावा 5 साल की बड़ी बेटी, तीन साल का छोटा बेटा है। इन सभी की जिम्मेदारी निर्मल सिंह के कंधों पर थी। शहीद के दादा स्वर्गीय भगवान सिंह भी फ़ौज में थे जिनसे प्रेरणा लेकर निर्मल सिंह फ़ौज में भर्ती हुए थे। ऑनरेरी कैप्टन शहीद के चाचा वजीर सिंह ने बताया कि सुबह आठ बजे करीब दो मिनट के लिए सरकारी फोन से निर्मल सिंह ने अपनी पत्नी से बातचीत की थी और कहा था कि यहां सब ठीक है। कैप्टन वजीर सिंह ने बताया कि निर्मल सिंह करीब तीन महीने पहले ही अंबाला अपने घर से वापस ड्यूटी पर आए थे। जल्द ही उन्हें एक माह की छुट्टी पर जाना था।

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