BJP का आरोप- अनुराग कश्यप ने ‘मसान’ के लिए अखिलेश सरकार से लिए थे 2 करोड़ रुपये, डायरेक्टर ने दिया जवाब

0
499

हरियाणा न्यूज़: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने फिल्म निर्माता और निर्देशक अनुराग कश्यप पर आरोप लगाया है कि पूर्व में उत्तर प्रदेश की अखिलेश सरकार ने ‘मसान’ फिल्म के निर्माण के लिए अनुराग कश्यप को 2 करोड़ रुपये दिए थे। अब ऐसी ही राशि अनुराग कश्यप ‘सांड की आंख’ और ‘मुक्केबाज’ फिल्म के लिए यूपी की वर्तमान योगी सरकार से मांग रही है।

बीजेपी प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने आईएएनएस से कहा कि अनुराग कश्यप का मोदी द्वेष की वजह का अब पर्दाफाश हो गया है। अनुराग ऐसे ही धन इकट्ठा करते रहे हैं। इसके सर्मथन मे बीजेपी ने तीन पत्र जारी किए हैं जो सदस्य सचिव, सूचना और संपर्क विभाग, उतर प्रदेश के हैं।

इसके अलावा भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता अमित मालवीय, शलभमणि त्रिपाठी और तेजिंदर पाल सिंह बग्गा ने भी एक चिठ्ठी शेयर की है। इस चिठ्ठी में अनुराग के ऊपर सरकारी फंड ना मिलने पर सरकार के खिलाफ प्रचार करने का आरोप लगाया गया है। इस दावे को लेकर अनुराग ने भी अपना पक्ष रखा है।

अनुराग कश्यप ने दी सफाई

अनुराग कश्यप ने दावा कि उन्होंने सिनेमा के जरिए यूपी को वैश्विक पटल पर रखा। उन्होंने लिखा, ‘फ़िल्म बंधु, उत्तर प्रदेश को प्रमोट करने के लिए एक स्कीम है। योगी सरकार के दौरान ‘मसान’ के लिए फ़िल्म बंधु में सब्सिडी दी थी। योगी सरकार के दौरान फ़िल्म बंधु में मुझे दो बार बुलाया था। बातचीत के लिए और प्रमोशन के लिए। मैं नहीं गया, क्योंकि उनकी नियत पर भरोसा नहीं था। तीसरी चिट्ठी ‘सांड की आँख पे’ है जहां कागज़ मांगे गए हैं प्रोड्यूसर से। ये वो फ़िल्म है जिसे योगी सरकार में ही टैक्स फ्री किया गया था।’

क्या है वायरल पत्र में?

दरअसल, बीजेपी प्रवक्ताओं द्वारा शेयर किए गए पहले पत्र में साफ-साफ लिखा है कि अनुराग कश्यप के 11 दिसंबर 2014 के पत्र के जवाब में सूचना संपर्क विभाग, यूपी ने 1 मार्च 2015 को 2 करोड़ की राशि निर्गत कराने की अनुशंषा करती है। पत्र में लिखा गया है कि ‘मसान’ फिल्म का निर्माण पर कुल लागत 8 करोड़ आया और फिल्म की 97 फीसदी शूटिंग यूपी में हुआ है। इसलिए सूचना विभाग यूपी सरकार की फिल्म नीति के तहत लागत का 25 फीसदी जारी राशि जारी करता है।

योगी सरकार ने नहीं दी सब्सिडी!

‘सांड़ की आंख’ फिल्म के संदर्भ में अनुराग कश्यप के अनुदान वाले पत्र का जवाब देते हुए सूचना और संपर्क विभाग, यूपी ने 28 सितंबर 2018 को साफ साफ लिखा कि आपके अनुरोध को फिल्म नीति के तहत नहीं पाया गया है। ठीक ऐसा ही एक और पत्र सूचना विभाग ने फिल्म ‘मुक्केबाज’ के संदर्भ में 13 दिसंबर 2019 को अनुराग कश्यप को लिखा और सब्सिडी देने में असमर्थता जताई।

मोदी सरकार के खिलाफ मुखर रहे हैं अनुराग कश्यप

जाहिर है इन पत्रों के माध्यम से बीजेपी ने फिल्मकार अनुराग कश्यप पर निशाना साधा है। गौरतलब है कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और एनआरसी पर अनुराग कश्यप मोदी सरकार के खिलाफ मुखर रहे हैं। सीएए आने के बाद से अनुराग कश्यप हर रोज मोदी सरकार के खिलाफ ट्वीट कर अपनी भड़ास निकाल रहे हैं।

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here