मंडी प्रशासन के दावों की खुली पोल, सुबह आए किसानों को दोपहर तक नहीं मिला खरीददार

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हरियाणा न्यूज: अनाज मंडी में गेहूं की सरकारी खरीद को लेकर प्रशासन द्वारा किए दावों की आज पोल खुलती दिख रही है। आज पहली ट्रॉली सुबह चार बजे अनाज मंडी में पहुंची। किसान 282 क्विंटल गेहूं लेकर आया और टोकन 250 क्विंटल का मिला। सुबह 4 बजे से लेकर दोपहर 2 बजे तक फसल बेचने के लिए बोली का इंतजार करता रहा। किसान का कहना है कि सरकार के दावों के विपरित हालात हैं। सरकार 72 घंटे में भुगतान का दावा करती है लेकिन वे ट्रॉली में करीब 11 एकड़ में हुई गेहूं की फसल लेकर पहुंचे हैं।

शनिवार को उन्होंने ऑनलाइन अप्लाई किया था। ऑनलाइन से उनके पास सोमवार को फसल लेकर पहुंचने का मैसेज मिला, वे फसल लेकर आए लेकिन यहां उनकी कोई संभाल नहीं है। सूखी गेहूं है और वो बोली का इंतजार कर रहे हैं। कोई भी सरकारी एजेंसी बोली के लिए नहीं आई है। फसल की रखवाली करना उनके लिए मुश्किल भरा हो गया है। 282 क्विंटल फसल में उन्हें 250 क्विंटल का टोकन मिला है। बाकी 32 क्विंटल फसल भी उन्हें वापस लेकर जाने की बात कही जा रही है। यही उनके लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। जब समय पर खाली मंडी में भी फसल नहीं बिक रही तो ऐसे में सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है कि जब सीजन पीक पर होगा तो किसानों की समस्या कितनी बढ़ेगी।

किसान जगीर सिंह ने बताया कि वह ऑनलाइन अप्लाई करने के बाद मैसेज के आधार पर फसल लेकर पहुंचा है। सुबह 4 बजे से दोपहर के दो बजे गए लेकिन खरीददारी के लिए कोई नहीं पहुंचा। ऐसे में फसल की रखवाली करना उनके लिए मुश्किल भरा है। उन्होंने कहा कि समय पर फसल नहीं बिकेगी तो भुगतान भी नहीं होगा। 282 क्विंटल फसल लेकर वह आया है और टोकन 250 क्विंटल का मिला है। 32 क्विंटल फसल उसे वापस लेकर जाने की बात कही जा रही है यह उनके सामने बड़ी समस्या है।

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