सावन में ‘किसान-कांवड़’ यात्रा, कई युवाओं की टोली पैदल जा रही टिकरी बॉर्डर

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कोरोना महामारी के कारण कांवड़ यात्रा रद्द कर दी गई है, लेकिन इस दौरान किसान आंदोलन लगातार जारी है। इसलिए सावन के महीने में युवाओं ने किसान आंदोलन में “किसान-कांवड़” लेकर जाने का फैसला किया है। जिसकी शुरुआत फतेहाबाद के गांव जांडली कलां से युवा किसान करने जा रहे हैं।

दरअसल, अपने गांव से किसान कांवड़ लेकर टिकरी बॉर्डर पर धरने के लिए रवाना हुए हैं। किसान कांवड़ में शामिल युवाओं का ये टोला अपने गांव से मिट्टी और जल लेकर चला है और 180 किलोमीटर का पैदल सफर करके टिकरी बॉर्डर पहुंचेगा। कांवड़ को टिकरी बॉर्डर पर किसान धरने के स्टेज पर अर्पण किया जाएगा।

यात्रा में शामिल एक युवक ने बताया कि युवाओं को खेती और आंदोलन से जोड़ने के लिए वो ये सब कर रहे हैं। रवानगी से पहले गांव के बुजुर्गों की मीटिंग हुई थी, जिसमें इस किसान कांवड़ यात्रा के बारे में सहमति बनी थी और गांव के ही 21 युवाओं की ड्यूटी लगाई गई थी।

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