किसान नेता का आरोप आंदोलन दबाने के लिए सरकार धान ना खरीद डाल रही दबाव

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Stv Haryana News

इंद्री अनाज मंडी में धान की खरीद शुरू न होने के कारण किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस घटना को किसान आंदोलन से जोड़कर देखा जा रहा है। उसके बाद नारेबाजी करते हुए किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।

भारतीय किसान यूनियन के हलका प्रधान नरेंद्र धूमसी ने कहा कि सरकार द्वारा पहले 25 सितंबर से धान की खरीद शुरू करने की बात कही गई थी। उसके बाद 1 अक्टूबर से धान की खरीद शुरू की जानी थी। लेकिन अब सरकार द्वारा नया फरमान आया है कि 11 अक्टूबर से धान की सरकारी खरीद शुरू की जाएगी। जबकि हर बार 1 अक्टूबर से धान की खरीद शुरू हो जाती थी। किसान आंदोलन को दबाने के लिए सरकार किसानों पर तरह-तरह की दबाव डाल रही है।

उन्होंने आगे कहा कि यदि 11 अक्टूबर से धान की खरीद शुरू नहीं की गई तो किसानों का बहुत बड़ा नुकसान होगा। खासकर छोटे किसानों के लिए समस्याएं खड़ी हो जाएगी। क्योंकि आज विज्ञान का युग है और वैज्ञानिकों द्वारा धान की नई नई वैरायटी बनाई गई है जो बहुत कम समय में पक कर तैयार हो जाती हैं। यदि उनको समय पर नहीं काटा गया तो वह खेत में ही झड़ जाएंगी।

धान की खरीद शीघ्र शुरू नहीं की गई तो किसान करेंगे बड़ा आंदोलन- 

नरेंद्र ने कहा कि सरकार के दिशा निर्देश अनुसार ही 15 जून के बाद किसान द्वारा पीआर धान की रोपाई की गई थी। कम समय में उगने वाली फसलों में पानी की लागत कम होती है। धान खरीद को लेकर अभी तक सरकार द्वारा मंडियों में कोई व्यवस्था नहीं की गई है। मंडियों में कबाड़ के ढेर लगे पड़े हैं। पेयजल, शौचालय तथा किसान विश्राम गृह आदि किसी प्रकार की भी तैयारियां सरकार द्वारा नहीं की गई है।

उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र सरकार द्वारा धान की खरीद शुरू नहीं की गई तो किसान सरकार के खिलाफ बहुत बड़ा आंदोलन छोड़ने को मजबूर हो जाएंगे।

वहीं इंद्री एसडीएम सुमित सिहाग ने कहा कि किसान मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने के लिए आए हैं, उनकी इस मांग को मुख्यमंत्री तक पहुंचा दिया जाएगा। जैसे ही सरकार के आदेश आएंगे उसके मुताबिक ही धान की खरीद होगी।

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