3 दिन में मौत की गुत्थी को सीआईए टू ने सुलझाया, हेल्पर ही निकला हत्यारा

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यमुनानगर में तीन दिन पहले हुई मेडिकल संचालक की हत्या की गुत्थी को सीआईए टू की टीम ने सुलझा लिया है। आपको बता दें कि मेडिकल संचालक मोहम्मद यूनिस का हेल्पर आलम ही उसका हत्यारा निकला। मोहम्मद आलम को सीआईए टू की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है।

जांच में सामने आया कि पैसों के लेनदेन और खुद को हुए घाटे की वजह से इस हत्या की वारदात को अंजाम दिया। हत्यारे आलम पर नवाबगंज बरेली में अपनी पत्नी की हत्या के प्रयास का भी मामला दर्ज है। सीआईए टू की टीम आलम को कोर्ट में पेश करने को बाद पुलिस रिमांड पर रखेगी, जिससे की पूरे मामले का खुलासा हो सकें।

हत्यारे की योजना बनाई किसी फिल्म की कहानी से कम नही है। बड़े ही शातिर ढंग से प्लानिंग कर पहले यूनिस की हत्या की और हत्या के बाद अपने फोन को रुड़की छोड़ कर ताकि फोन की लोकेशन न मिल सके। अगले दिन सुबह अस्पताल भी पहुंचा जहां पर यूनिट का पोस्टमार्टम हो रहा था। ताकि उस पर किसी को शक ना हो।

हत्यारे आलम पर उसकी पत्नी की हत्या के प्रयास का केस चल रहा था। आलम ने अपनी पत्नी को जहर देकर मारने का प्रयास किया था। उस केस में इसके बहुत पैसे लगे और ये घाटे में चल रहा था। यूनिस की हत्या कर उसकी कार उसके पैसे हड़पना चाहता था। जिससे उसका घाटा पूरा हो सके।

कैसे हत्यारे ने हत्या की योजना बनाई

घटना के दिन आरोपी मोहम्मद आलम सुबह यूनिस के साथ मेडिकल स्टोर पर था। वह यूनिस की दुकान पर हेल्पर का कार्य करता था। सुबह दस बजे वह दुकान से कलियर शरीफ जाने की बात कहकर निकला था। इसके बाद वह ट्रेन से कलियर शरीफ पहुंचा।

वहां उसने एक होटल में कमरा लिया और अपना मोबाइल वहीं पर छोड़ दिया। वहां से टैक्सी लेकर वापस यमुनानगर पहुंचा। पांसरा फाटक पर उसने टैक्सी छोड़ दी और दुकान के बाहर गली में खड़ी यूनिस की कार में जाकर बैठ गया, क्योंकि आरोपी के पास कार की दूसरी चाबी थी। कार में बैठते ही उसने कार के अंदर लगे शीशे को कार की छत की तरफ ऊपर कर दिया। ताकि कार में बैठा यूनिस पिछली सीट पर बैठे आलम को न देख सके।

जब यूनिस दुकान बंद कर कार से क्वार्टर पर आ रहा था। तभी रास्ते में थर्मल प्लांट के पास कार में पीछे बैठ मोहम्मद आलम ने सीट बैल्ट से उसका गला दबा दिया। किसी तरह से खुद को बचाने के प्रयास में यूनिस ने हैंडब्रेक लगा दिया।

पत्नी की हत्या के प्रयास का भी मामला

उससे छूटकर वह कार से उतरकर भागने लगा। तभी मोहम्मद आलम कार से उतरा और उस पर चाकू से वार कर दिए। हत्या करने के बाद वह भाग निकला। इसके बाद वह आटो लेकर रेलवे स्टेशन के लिए निकल गया। रास्ते में उसने आटो चालक से मोबाइल लेकर उसकी टैक्सी चालक को फोन किया। जिसमें वह आया था। फिर वापस कलियर शरीफ चला गया।

पुलिस की पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी का अपनी पत्नी से विवाद चल रहा है। उस पर पत्नी की हत्या के प्रयास का भी मामला बरेली में दर्ज है। हत्यारा करीब 15 साल से उसके साथ रह रहा था।

यूपी के नवाबगंज निवासी यूनिस खान बाड़ी माजरा रोड पर शंभू कालोनी में कादरी मेडिकल स्टोर चलाता था। थर्मल कालोनी में उसका भाई अलीम मैकेनिकर फीटर के पद पर कार्यरत है। यूनिस खान भी थर्मल कालोनी में ही परिवार के साथ किराये के मकान में रह रहा था।

छह अक्टूबर की रात को अलीम के पास थर्मल प्लांट के ड्राइवर हरिओम का फोन आया था। जिसने बताया था कि यूनिस का शव थर्मल कालोनी से रतनपुरा रोड पर कार के पास पड़ा है। इसके बाद वह पड़ोसियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे थे। सदर यमुनानगर थाने में यूनिस की हत्या का मामला दर्ज हुआ था जिसकी जांच सीआईए टू को दी गई थी। जिसे सीआईए टू ने 3 दिन में सुलझा लिया है।

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